वैदिक कालमा सागर मन्थन गर्दा निस्किएका चौध रत्न
लक्ष्मी : कौस्तुभ पारिजातकसुराधन्वंतरिश्चन्द्रमा :/
गाव : कमदुहा सुरेश्वरगजो रम्भादिदेवांगना : //
अश्व : सप्तमुखो विषं हरिधनुः शंखोमृतं चाम्बुधे : /
रत्नानीह चतुर्दश प्रतिदिनं कुर्यात्सदा मंगलम : //
१. कालकूट ( हलाहल )
२. ऐरावत
३. कामधेनु
४. उच्चैः श्रवा

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